व्हाइट हाउस ने भारत-अमेरिका के बीच हुए नए व्यापार समझौते की सराहना की है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने कहा कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका से तेल व अन्य उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है। साथ ही भारत ने अमेरिका में कुल 500 अरब डॉलर के निवेश पर सहमति दी है।
उन्होंने बताया कि यह समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और प्रधानमंत्री Narendra Modi के बीच बातचीत के बाद हुआ। इस निवेश का बड़ा हिस्सा ऊर्जा, परिवहन और कृषि क्षेत्रों में होगा।
प्रेस सचिव के अनुसार, भारत अब अमेरिकी तेल खरीदेगा और जरूरत पड़ने पर वेनेजुएला से भी तेल ले सकता है। इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं को लाभ होगा।
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समझौते के तहत अमेरिका ने भारत पर लगने वाला शुल्क घटाकर 18% कर दिया है, जबकि अमेरिकी निर्यात पर भारत में शुल्क शून्य रहेगा। पहले भारत पर 50% तक शुल्क लगाया गया था, जिसमें रूसी तेल खरीद से जुड़ा अतिरिक्त शुल्क भी शामिल था।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे अमेरिकी कामगारों और उद्योग के लिए बड़ी जीत बताया। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस फैसले से ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को फायदा होगा और दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे।
यह व्यापार समझौता भारत-अमेरिका साझेदारी को नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है।





