पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने प्रकाशक Penguin Random House India को नोटिस भेजा है और जांच में शामिल होने को कहा है।
यह कार्रवाई उस समय हुई जब राहुल गांधी के पास जनरल नरवणे की किताब Four Stars of Destiny की प्रति पहुंचने पर सवाल उठे। पुलिस की स्पेशल सेल ने कथित लीक को लेकर आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, प्रकाशक से पूछा गया है कि अप्रकाशित पांडुलिपि या उसकी कॉपी किस तरह सार्वजनिक दायरे में आई।
विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल गांधी ने लोकसभा में इस किताब का हवाला देते हुए सरकार की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि 2020 में एलएसी पर भारत-चीन तनाव के दौरान राजनीतिक नेतृत्व ने स्पष्ट निर्देश देने में हिचक दिखाई थी और सेना प्रमुख से कहा था, “जो उचित समझो वो करो।” इस बयान पर सत्तापक्ष ने कड़ा विरोध जताया।
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रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने कहा कि अप्रकाशित पुस्तक का उल्लेख संसद में नहीं किया जा सकता। इसके बाद लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने भी स्पष्ट किया कि बिना प्रकाशित और प्रमाणित सामग्री को सदन में उद्धृत नहीं किया जा सकता।
राहुल गांधी ने संसद परिसर में किताब की हार्डबाउंड कॉपी दिखाते हुए सरकार के उस दावे को चुनौती दी कि पुस्तक अस्तित्व में नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वह इसकी एक प्रति प्रधानमंत्री को भेंट करना चाहते हैं।
प्रकाशक ने बयान जारी कर कहा कि पुस्तक अभी औपचारिक रूप से जारी नहीं हुई है और रक्षा मंत्रालय की स्वीकृति का इंतजार है। कंपनी ने चेतावनी दी कि यदि कोई पीडीएफ या भौतिक प्रति प्रसारित हो रही है तो वह कॉपीराइट उल्लंघन होगा।
जनरल नरवणे ने भी स्पष्ट किया कि उनकी पुस्तक अभी आधिकारिक रूप से प्रकाशित नहीं हुई है। हालांकि, राहुल गांधी ने 2023 के एक सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देते हुए कहा कि उस समय पुस्तक उपलब्ध होने की बात कही गई थी और इसे ऑनलाइन प्री-ऑर्डर के लिए सूचीबद्ध भी किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि सच्चाई क्या है और कहा कि वह सेना प्रमुख के बयान पर भरोसा करते हैं।
फिलहाल इस पूरे मामले की जांच जारी है और यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है।





