देशभर में विभिन्न ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों के आह्वान पर आज भारत बंद जारी है। 10 से अधिक संगठनों ने केंद्र सरकार की आर्थिक और श्रम नीतियों के विरोध में यह हड़ताल बुलाई है। आयोजकों का दावा है कि यह हाल के वर्षों की सबसे बड़ी बंद कार्रवाई में से एक है और इससे 600 से अधिक जिलों में कामकाज प्रभावित हो सकता है।
यूनियन नेताओं के अनुसार, इस बार लगभग 30 करोड़ श्रमिकों के शामिल होने की संभावना है, जो जुलाई 2025 के विरोध प्रदर्शन में शामिल लगभग 25 करोड़ लोगों से ज्यादा है। संगठनों का आरोप है कि सरकार की नीतियां मजदूर और किसानों के हितों के खिलाफ तथा कॉरपोरेट समर्थक हैं।
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किन सेवाओं पर असर
- कई सरकारी बैंक और बीमा कार्यालय बंद रह सकते हैं या सीमित कर्मचारियों के साथ काम कर सकते हैं, जिससे नकद निकासी और चेक क्लियरेंस में देरी हो सकती है।
- बस, ऑटो और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, खासकर उन इलाकों में जहां प्रदर्शन ज्यादा है।
- कुछ सरकारी दफ्तर आंशिक या पूर्ण रूप से बंद रह सकते हैं।
- प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल और कॉलेज बंद रह सकते हैं।
- कई बाजार और छोटे व्यवसाय पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद रह सकते हैं, जबकि फैक्ट्रियों का काम धीमा पड़ सकता है।
कौन-सी सेवाएं चालू रहेंगी
प्रशासन ने कहा है कि अस्पताल, दवाइयों की दुकानें, एंबुलेंस, बिजली-पानी, अग्निशमन और अन्य जरूरी सेवाएं सामान्य रहेंगी। एटीएम और डिजिटल बैंकिंग सेवाएं भी जारी रहेंगी। निजी कार्यालय, जो बंद में शामिल नहीं हैं, सामान्य रूप से काम कर सकते हैं। मेट्रो और रेल सेवाएं भी चलती रहेंगी।
विरोध की मुख्य वजह
संगठनों की प्रमुख मांगों में चार नए श्रम संहिताओं को वापस लेना, ड्राफ्ट सीड बिल हटाना, मनरेगा को मजबूत करना, ग्रामीण रोजगार व आजीविका मिशन से जुड़े कानून को रद्द करना, बिजली संशोधन विधेयक और शांति (SHANTI) कानून को वापस लेना शामिल है।





