हरियाणा में फैमिली आईडी से जुड़ी एक गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। करनाल जिले में एक मृत महिला के नाम पर अलग-अलग जिलों में 90 वाहन दर्ज पाए गए, जबकि परिजनों का कहना है कि महिला के नाम कभी कोई वाहन नहीं खरीदा गया।
मामले का खुलासा तब हुआ, जब समाज कल्याण विभाग ने महिला के पति की बुढ़ापा पेंशन बंद कर दी। पेंशन कटने के कारण जानने के लिए बुजुर्ग ने फैमिली आईडी की जांच कराई, जिसमें उनकी पत्नी को करोड़पति दिखाया गया।
पति रविंद्र के अनुसार, उनकी पत्नी की करीब छह साल पहले मौत हो चुकी है। उस समय फैमिली आईडी की व्यवस्था भी लागू नहीं थी। इसके बावजूद महिला के नाम पर भारी संपत्ति और वाहन दर्ज होना प्रशासनिक रिकॉर्ड में बड़ी चूक की ओर इशारा करता है।
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परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और रिकॉर्ड में सुधार की मांग की है। यह मामला हरियाणा में फैमिली आईडी डेटा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है, खासकर करनाल जैसे जिलों में।





