नई दिल्ली/चंडीगढ़: Aam Aadmi Party (AAP) इस समय दोहरे दबाव का सामना कर रही है। एक ओर पार्टी के अंदर Raghav Chadha को लेकर विवाद गहराता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर पंजाब में एक मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
राघव चड्ढा का पलटवार
पार्टी के भीतर विवाद तब सामने आया जब राघव चड्ढा को एक अहम संसदीय जिम्मेदारी से हटा दिया गया। इसके बाद कुछ नेताओं ने उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने खासकर पंजाब से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से नहीं उठाया।
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए चड्ढा ने सभी दावों को खारिज कर दिया और इन्हें उनकी छवि खराब करने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि संसद में उनका ध्यान हमेशा महंगाई, बेरोजगारी, टैक्स और पर्यावरण जैसे अहम मुद्दों पर रहा है।
चड्ढा ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी चुप्पी को कमजोरी न समझा जाए और समय आने पर वे सभी आरोपों का जवाब देंगे। इस बयान के बाद पार्टी के अंदर मतभेद और खुलकर सामने आ गए हैं।
पंजाब मामले पर बढ़ा सियासी विवाद
इसी बीच पंजाब में एक वेयरहाउसिंग अधिकारी की मौत के मामले ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। भाजपा नेता Ravneet Singh Bittu ने AAP सरकार पर निशाना साधते हुए कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि मामले में अभी तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।
AAP पर बढ़ती चुनौतियां
इन दोनों घटनाओं ने AAP के लिए स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। एक तरफ पार्टी के अंदर एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ शासन से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष हमलावर है।
आने वाले समय में पार्टी के लिए इन चुनौतियों से निपटना और अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखना एक बड़ी परीक्षा होगी।





