देश के कई शहरों में कमर्शियल एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की कमी के कारण रेस्टोरेंट कारोबार प्रभावित होने लगा है। गैस आपूर्ति कम होने से कई खाने-पीने के प्रतिष्ठानों को अपना मेन्यू सीमित करना पड़ रहा है और वैकल्पिक तरीकों से खाना बनाने की कोशिश की जा रही है।
रेस्टोरेंट मालिकों के अनुसार बेंगलुरु, मुंबई और गुरुग्राम जैसे बड़े शहरों में कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई अचानक घट गई है। बताया जा रहा है कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के कारण रेस्टोरेंट सेक्टर को मिलने वाले सिलेंडरों की संख्या कम हो गई है।
हालांकि केंद्र सरकार और तेल कंपनियों का कहना है कि एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। सप्लाई को स्थिर करने के लिए उत्पादन में करीब 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने की योजना भी बनाई गई है।
गैस की कमी के चलते कई रेस्टोरेंट अब “क्राइसिस मेन्यू” लागू कर रहे हैं। इसमें ऐसे व्यंजन शामिल किए जा रहे हैं जिन्हें कम गैस या कम समय में तैयार किया जा सके। कुछ जगहों पर रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से इलेक्ट्रिक कुकर, इंडक्शन स्टोव और कोयले से चलने वाले तंदूर का इस्तेमाल भी कर रहे हैं।
रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि तेज आंच पर पकने वाले व्यंजन सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। खासकर पैन-एशियन और ओरिएंटल डिशेज को इंडक्शन पर उसी तरह पकाना मुश्किल होता है।
बेंगलुरु में इस समस्या का असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। कई रेस्टोरेंट्स ने गैस के उपयोग को सीमित करना शुरू कर दिया है। मालिकों के अनुसार 9 मार्च से उन्हें सामान्य से काफी कम एलपीजी सिलेंडर मिल रहे हैं।
शहर के प्रसिद्ध भोजनालय विद्यार्थी भवन ने भी गैस बचाने के लिए डोसा बनाने वाले बर्नरों की संख्या कम कर दी है। यह रेस्टोरेंट आमतौर पर एक सामान्य दिन में करीब 1800 से 2000 डोसे तैयार करता है। संचालकों के मुताबिक डोसा बनाने में काफी गैस खर्च होती है, इसलिए मौजूदा स्थिति में सामान्य कामकाज बनाए रखना मुश्किल हो रहा है।
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर गैस की आपूर्ति जल्द सामान्य नहीं हुई तो कई रेस्टोरेंट्स को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ सकता है।
नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) ने अपने सदस्य प्रतिष्ठानों को सलाह दी है कि वे ईंधन की बचत करें, मेन्यू को सीमित रखें और जरूरत पड़ने पर संचालन के घंटे भी कम करें।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मुद्दे पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर राज्य में कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति जल्द बहाल करने का अनुरोध किया है।
उद्योग से जुड़े संगठनों का कहना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो रेस्टोरेंट्स के अलावा हॉस्टल, कैटरिंग सेवाएं और इवेंट आयोजनों पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि ये सभी बड़े पैमाने पर कमर्शियल एलपीजी पर निर्भर रहते हैं।
रेस्टोरेंट संचालकों ने यह भी दावा किया है कि सप्लाई में कमी के कारण कुछ जगहों पर एलपीजी सिलेंडर काले बाजार में आधिकारिक कीमत से कहीं अधिक दाम पर बेचे जा रहे हैं।
जब तक गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक देशभर के कई रेस्टोरेंट अपने किचन संचालन को जारी रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं और आपात योजनाओं पर काम कर रहे हैं।





